मीटिंग के मिनट्स
फ़ैसले, ज़िम्मेदार लोग और समय-सीमा - ट्रांसक्रिप्ट से, याददाश्त से नहीं।
मैनेजर और मीटिंग
किसने क्या तय किया, कौन चुप रहा और कौन टोकता है - मीटिंग और वन-ऑन-वन, सब कुछ लिखित रूप में।
फ़ैसले, ज़िम्मेदार लोग और समय-सीमा - ट्रांसक्रिप्ट से, याददाश्त से नहीं।
समझौतों और फ़ीडबैक के सटीक शब्द, जिन पर बाद में लौटा जा सके।
हर कर्मचारी के बोलने का हिस्सा, टोकना और बिना जवाब वाले सवाल।
जो कुछ कहा और तय किया गया, उसका खोजने योग्य संग्रह।
डायरेक्टर: तो कौन लेगा? (विराम 4 सेकंड) प्रिया: मैं ले सकती हूँ, अं… शुक्रवार तक। [राहुल: सहमत]
साधारण ट्रांसक्रिप्ट “साफ़-सुथरा” टेक्स्ट देता है। लेकिन असली बातचीत में मतलब अक्सर शब्दों के बीच छिपा होता है।
अगर आपने किसी शब्द को दो बार एक ही तरह सुधारा, तो अगली रिकॉर्डिंग में वह अपने-आप सुधर जाएगा: नाम, शब्दावली, पद्धतियों के नाम।
आपकी शब्दावली पहले से ही पहचान मॉडल को बता दी जाती है, ताकि वह उनमें कम गलतियाँ करे।
आपके फ़ैसलों के आधार पर सेवा तय करती है कि आवाज़ों के कौन-से छोटे ओवरलैप एक साथ बोलने के रूप में चिह्नित हों।
आपकी सहमति से सेवा आपकी आवाज़ याद रखती है और नई रिकॉर्डिंग में आपको तुरंत पहचान लेती है। दूसरे वक्ताओं की आवाज़ें सहेजी नहीं जातीं।
रिकॉर्डिंग अपलोड करें - और देखें कि उसमें कितना कुछ था जो साधारण ट्रांसक्रिप्ट खो देता है।
मुफ़्त में आज़माएँ